“ टैलीपैथी “ क्या है हमारी जिम्मेदारी……, भाग दौड की दुनिया मे अजब-गजब होता ही रहता है,निवेदिता सक्सेना..,

0
113

झाबुआ। भाग दौड की दुनिया मे अजब-गजब होता ही रहता है। लेकिन कुछ बाते ऐसी है जिनका वर्चस्व कभी खत्म नही होता। बहुत बार सुना होगा और महसूस भी किया होगा कि कोइ हमे याद करता है और हम बिना उसके बुलाए पहुंच जाते है या जो हम देख रहे है वह तो शायद पहले कभी देखा है या ऐसा तो मुझे अंदाजा था। यही टैलीपैथी है। आज लेखिका निवेदिता सक्सेना अपने लेख मे बता रही, टैलीपैथी क्या है ? कैसे और क्यो है यह साथ मे क्या जिम्मेदारी है हमारी…………..।

मनुष्य का मस्तिष्क इतना शक्तिशाली होता है, किसी के मन के विचार व भावनाओ का आदान – प्रदान होता है, वह टैलीपैथी कहलाता है। इसके फायदे क्या है ?

रीना ऑफिस मे काम कर रही थी और सोच रही अपने पति रवि को साथ बुलाकर दोनो साथ लंच करे । अचानक रवि आ गए और कहा चलो आज अपन साथ लंच करते है रीना बोली – अभी मैं यही सोच रही थी आपकी उम्र बहुत लम्बी है ।

अमित अपने कार्यो मे मुम्बंई मे व्यस्त था, उसे अचानक लगा मम्मी – पापा से बहुत दिनो से नही मिला । तभी पापा का फोन आया वह अत्यंत प्रसन्न हुआ, पापा मै आपको अभी याद ही कर रहा था।

यही कहलाती है दूर बैठे व्यक्ति के मन कि बात । अपने तक पहुंचना या संदेशो का जाना टैलीपैथी कहलाता है। महाभारत मे संजय के पास ये अद्भूत शक्तियो के रुप मे मौजूद एक कला थी।

टैलीपैथी एक ईश्वर प्रद्त्त शक्ति है जो सभी मनुष्यो मे इसकी क्षमता पाई जाती है। हम दूर बैठे व्यक्ति से भी संदेशो का आदान- प्रदान कर सकते है। लेकिन वर्तमान परीप्रेक्ष्य मे मनुष्य मायाजाल मे उलझ गया। जिसके कारण इस छठी इंद्री पर उसकी पकड ना के बराबर रह गई ।

कई बार अंहकार के चलते हम मन कि बात सुन ही नही पाते, उसे अनसूना कर देते है। जबकि ये छठी इंद्री या सिक्स सेंस एक तरह से हमारी रक्षा ही करता है।

हमारे मस्तिष्क मे दो मन है एक चेतन, दुसरा अवचेतन। चेतन जिससे हम सभी कार्य करते है, जागृत है। और अवचेतन जो कि सबसे ज्यादा सशक्त है जिसका उपयोग तो हम कर सकते है पर कर नही पाते।

आखिर जरुरत क्या पढी हमे टैलीपैथी कि बात करने की। क्यो हम मन की बात कर रहे है, जबकि सब सुख – सुविधाएं हमारे बीच मौजूद है। विज्ञान ने भी काफी प्रेक्टीकल बना दिया है नेट व दूसरे मायावी उपकरणो से । जो हमारे सभी आवश्कताओ की पूर्ति कर देती है ।

सही मायनो से देखा जाए तो इस मायावी संसार मे अपनो से अपनो को दूर कर दिया है। राखी का त्यौहार आ गया है सभी बहने भाईयो कि कलाई को सजा देती है, रंग- बिरंगे धागो से। मन से मन की बात का एक संदेश जो परमात्मा तक सुख, शांति, समृद्धी का प्रतिक स्वरुप है। जो हर भाई बहन एक दुसरे के लिये भाव रखता है। परंतु वर्तमान मे इन संजीदा रिश्तो मे भी मायावी काल प्रवेश कर गया है । प्रीता बहुत मन से कई महिनो से राखी की तैयार कर रही थी । इस उम्मीद से की भाई की कलाई को रक्षासुत्र से सुरक्षित कर परिवार की खुशहाली की कामना करेगा। एक दिन बाद मायके जाना ही था, भाई का फोन आया और कहा प्रीता यार एक दिन की ही छुट्टी है रीना ( (भाई की पत्नी ) बोल रही है हम लोग बहुत दिन से कही गये नही है, इसीलिए  मै नही आ पाउंगा । सोरी यार नेक्स्ट राखी पर प्लान बनाता हूं। प्रीता बोली कोइ बात नही भैया। और आँखो से आँसू का सैलाब निकल पडा वो भाई, जो बहन के साथ हर समय,हर मोड पर साथ देता था उसके मन की बात को उसके बोलने से पहले समझ जाता था। जो कलाई पर बांधी राखी सवा महिने तक हाथ से निकलने नही देता था । आज उसके पास राखी बंधवाने का समय ही नही और राखी पर अपना समयद व्यर्थ भी नही जाने देना चाहता ।

लगता है टैलीपैथी का समय रिश्तो से विरक्त हो रहा, जब अपनो के बीच नही तो,दुसरो के मन की बात कैसे पढी जाये। कही ना कही स्वार्थ जहां आ जाए,तो किसी के मन की बात पढना संभव नही । प्राचीन समय मे आज के भौतिकवादी माया जाल नही फैला हुआ था । तब टैलीपैथी एक ऋक साधना द्वारा अधिकाधिक विकसित थी ।

टैलीपैथी कैसे करे   

ध्यान, साधन, एकाग्रचिता मनुष्य को सिक्स सेंस शक्तिशाली बानाती है। जिसमें दूर बैठे व्यक्ति तक अपना संदेश पहुंचाना व उसका अपने तक आसानी से पहुंचाना ।

जिम्मेदारी टैलीपैथी को समझाना क्यो है

पारिवारीक, सामाजिक, राजनैतिक क्षेत्रो मे लगातार जो स्वार्थ, अंहकार, उत्पन्न हो रहा, मनुष्य के मनोभाव का हनन होना। क्योकी किसी को हम संदेश पहुंचा नही सकते, बिना उपकरणो के और ना ही व्यक्ति की मस्तिष्क को पढ पाते । भाई बहन का रिश्ता एक ऐसा रिश्ता है जो ना सिर्फ एक पवित्र भावनाओ से बंधा है अपितु विश्वास और मानसिक तरंगो से भी जुडा है । आज के दौर मे अपने,अपने रहे यही चाहत है । टैलीपैथी रिश्तो को बचाए रखने की, सेवा कार्य , राष्ट्र कार्य के लिये उत्त्म विधी है । अर्थात बिना बोले मन पढ लेना । जिसे बचाना उन्नत करना हमारी जिम्मेदारी है ।


विज्ञापन के लिए संपर्क करे

90197-90196


हमसे फेसबुक पर जुड़िये

हमारी व्हाट्स एप्प ब्राडकॉस्ट सेवा से जुड़े
वी एम एन टुडे न्यूज़ की व्हाट्स एप्प ब्राड कॉस्ट सेवा से जुड़ने के लिए :
  • हमारा नंबर 90197-90196 को अपने कांटेक्ट लिस्ट में “VMNToday” नाम से सेव कीजिये |
  • VMNToday (हमारे नंबर पर ) पर “JOIN <अपना नाम > <शहर>” लिख भेजिए या यहाँ क्लिक कीजिये |
  • आपको Broadcast List में जोड़ा जायेगा और स्वीकृति मेसेज भेज दिया जायेगा |